हापुड़ धौलाना तहसील में यूपीसीडा मसूरी-गुलावठी रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषित जल निकासी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के क्षेत्रीय प्रबंधक ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजकर नाले के पानी की जांच कराने तथा बिना उपचारित अपशिष्ट जल छोड़ने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र के नालों में अत्यधिक गाद जमा होने से जल निकासी प्रभावित हो रही है तथा नाले का पानी प्रथम दृष्टया प्रदूषित प्रतीत होता है। इसी कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पानी का नमूना लेकर वैज्ञानिक जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
स्थानीय देवेंद्र व अन्य लोगों का कहना है कि लंबे समय से जलभराव और प्रदूषित पानी की समस्या बनी हुई है। उनका दावा है कि दूषित पानी के कारण क्षेत्र का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है और कई स्थानों पर पेड़ भी सूखते दिखाई दे रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि यदि जांच में किसी औद्योगिक इकाई की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में बिना उपचारित पानी नालों में न छोड़ा जाए।
अब सभी की निगाहें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी, दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।
