आरोप है कि पुलिसकर्मियों को जीप से बाहर निकालकर बेरहमी से पीटा गया, उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए और उन्हें चोटें भी आईं। इसके बावजूद करीब 24 घंटे तक मामला सार्वजनिक नहीं किया गया। बाद में SSP अविनाश पांडेय को खुद FIR दर्ज करानी पड़ी, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान कांवड़ियों ने पुलिस जीप पर भी हमला किया और सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मियों पर लाठियों से हमला किया। SSP ने भी माना कि हेड कांस्टेबल को चोटें आई हैं और मामले में FIR दर्ज कराई गई है। हालांकि अब तक केवल कुछ बाइक सीज किए जाने की बात सामने आई है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस का आधिकारिक बयान इससे अलग है। पुलिस का कहना है कि विवाद कांवड़ियों के दो गुटों के बीच हुआ था, दोनों पक्षों का मेडिकल कराया गया और किसी ने तहरीर नहीं दी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि पुलिसकर्मियों को चोटें आईं और FIR भी दर्ज हुई, तो आखिर 24 घंटे तक मामला क्यों दबा रहा और अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
