सहारनपुर/बागपत | साल 2013 में दिनदहाड़े हुई सीओ के गनर राहुल ढाका की हत्या के मामले में आखिरकार 13 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सहारनपुर की अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था मामला
5 जून 2013 को बागपत के दिकौली निवासी और सीओ के गनर राहुल ढाका लूट की वारदात के बाद बदमाशों का पीछा कर रही पुलिस टीम के साथ थे। चिलकाना क्षेत्र में पुलिस ने बदमाशों की कार को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान राहुल ढाका वाहन से उतरकर बदमाशों को पकड़ने के लिए आगे बढ़े। तभी बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
गंभीर रूप से घायल राहुल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी हथियार और कारतूस लेकर मौके से फरार हो गए थे।
कोर्ट का फैसला
करीब 13 वर्षों तक चले इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 17 गवाह पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने महताब उर्फ काना उर्फ जीवा और सादर खां को हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया।
दोनों को आजीवन कारावास की सजा के साथ 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार दोनों दोषी फिलहाल राजस्थान की जेलों में बंद हैं और फैसले के दिन उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई।
परिवार ने जताई संतुष्टि
फैसले के बाद राहुल ढाका के परिवार ने कहा कि 13 साल के लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिला है। परिवार ने अदालत और पुलिस-प्रशासन का धन्यवाद किया।
इस फैसले को कानून व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है।
