बागपत में सिंघावली अहीर पुलिस द्वारा की गई एक मुठभेड़ पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने यह मुठभेड़ फर्जी तरीके से दिखाई है, जबकि उन्होंने खुद आरोपी विवेक को पुलिस को सौंपा था।

परिवार के अनुसार, उन्होंने विवेक को डोला चौकी पर तैनात दरोगा रजत कुमार को सौंपा था। इसके कुछ ही घंटों बाद, पुलिस ने विवेक के साथ मुठभेड़ दिखाकर उसे गिरफ्तार करने का दावा किया। परिवार का कहना है कि पुलिस ने अपनी वाहवाही लूटने के लिए यह गलत तरीका अपनाया।

सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने गुरुवार दोपहर को लूट के एक मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त विवेक निवासी सलावतपुर खेड़ी के साथ मुठभेड़ कर उसे गिरफ्तार करने की बात कही थी। इस मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए विवेक का परिवार और जनप्रतिनिधि बागपत पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने अधिकारियों से शिकायत करते हुए बताया कि विवेक का नाम लूट के मामले में शामिल था और पुलिस उसकी गिरफ्तारी की बात कह रही थी।

उचित कार्रवाई का आश्वासन

जिला पंचायत सदस्य संजय डॉलर और ग्राम प्रधान अमरदीप ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और न्याय की मांग की। फिलहाल, अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मुठभेड़ को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगे हैं।

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