क्षेत्र के विकास और बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग को लेकर आज माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी से भेंट कर पानीपत–मेरठ रेल लाइन परियोजना को शीघ्र स्वीकृति एवं क्रियान्वयन हेतु ज्ञापन सौंपा गया।
भेंट के दौरान क्षेत्र की जनभावनाओं और आवश्यकताओं से रेल मंत्री को अवगत कराते हुए बताया गया कि यह परियोजना दशकों से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है। पानीपत और मेरठ दो बड़े औद्योगिक एवं कृषि केंद्र हैं, लेकिन सीधी रेल सुविधा न होने के कारण आमजन और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
परियोजना से होंगे ये बड़े फायदे
- बेहतर कनेक्टिविटी: पानीपत, सोनीपत, बागपत, मुजफ्फरनगर और मेरठ जैसे जिलों को सीधी रेल सेवा मिलेगी। दिल्ली-NCR पर दबाव कम होगा और यात्रियों का 1.5 से 2 घंटे का समय बचेगा।
- आर्थिक प्रगति: मेरठ और पानीपत के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच माल ढुलाई आसान होगी। किसान, व्यापारी और MSME को सीधा लाभ मिलेगा।
- रोजगार सृजन: परियोजना के निर्माण और संचालन से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। स्टेशन के आसपास नए बाजार और सुविधाएं विकसित होंगी।
- क्षेत्रीय विकास: रेल लाइन के साथ-साथ आसपास के गांवों और कस्बों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रियल एस्टेट के क्षेत्र में तेजी से विकास होगा।
ज्ञापन में कहा गया कि बढ़ती आबादी और औद्योगिक विकास को देखते हुए इस रेल लाइन का निर्माण अब समय की मांग है। क्षेत्र के सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि भी लगातार इस मांग को उठाते रहे हैं।
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी ने आश्वासन दिया कि परियोजना की व्यवहार्यता और आवश्यकता को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि शीघ्र ही इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति मिलेगी और यह “विकसित भारत” के संकल्प में एक अहम कड़ी साबित होगी।
